हिंदी भाषा महत्वपूर्ण अनुच्छेद।ugc net।
राजभाषा, राष्ट्रभाषा
राजभाषा
प्रशासनिक कार्यों में
प्रयुक्त भाषा।
संघ की राजभाषा
हिंदी (देवनागरी लिपि)
अनुच्छेद 343
संविधान की आठवीं अनुसूची
कुल 22 भाषाएँ।
11. आठवीं अनुसूची की 22
भाषाएँ (याद कर लो)
हिंदी, संस्कृत, उर्दू,
पंजाबी, कश्मीरी, असमिया, ओड़िया, बंगला, गुजराती, मराठी, सिंधी, तमिल, तेलुगु,
मलयालम, कन्नड़, कोंकणी, नेपाली, मणिपुरी, मैथिली, संथाली, बोडो, डोगरी।
12. महत्वपूर्ण अनुच्छेद (NET में बार-बार)
अनुच्छेद
विषय
120-संसद की भाषा
210-विधानमंडल की भाषा
343-संघ की राजभाषा
344-राजभाषा आयोग
345-राज्य की राजभाषा
346-राज्यों के बीच पत्राचार
347-भाषा की मान्यता
348-उच्चतम/उच्च न्यायालय की भाषा
350-अभ्यावेदन की भाषा
351-हिंदी के विकास हेतु निर्देश
(✅ पाणिनि → संस्कृत का मानकीकरण
✅ त्रिपिटक
→ पालि
✅ आधुनिक भाषाएँ
→ अपभ्रंश से
✅ मानक हिंदी
→ खड़ी बोली आधारित
✅ राजभाषा
→ हिंदी (देवनागरी)
✅ आठवीं अनुसूची
→ 22 भाषाएँ
✅ अनुच्छेद
343 → संघ की राजभाषा
✅ अनुच्छेद
351 → हिंदी विकास)
12. महत्वपूर्ण अनुच्छेद (विस्तार
से)
अनुच्छेद 120 – संसद में प्रयुक्त
भाषा
संसद का कार्य हिंदी या अंग्रेजी
में किया जाएगा।
यदि कोई सदस्य हिंदी या अंग्रेजी
में अपनी बात ठीक से नहीं रख सकता, तो उसे अपनी मातृभाषा में बोलने की अनुमति दी जा
सकती है। 🎯
अनुच्छेद 210 – राज्य विधानमंडल
की भाषा
राज्य विधानमंडल का कार्य राज्य
की राजभाषा, हिंदी या अंग्रेजी में किया जा सकता है।
आवश्यकता पड़ने पर सदस्य अपनी
मातृभाषा का भी प्रयोग कर सकता है। 🎯
अनुच्छेद 343 – संघ की राजभाषा
संघ की राजभाषा हिंदी तथा लिपि
देवनागरी है।
संविधान लागू होने के बाद
15 वर्षों तक अंग्रेजी के प्रयोग की अनुमति दी गई थी। 🎯
अनुच्छेद 344 – राजभाषा आयोग
राष्ट्रपति 5 वर्ष और फिर
10 वर्ष बाद राजभाषा आयोग का गठन करता है।
आयोग हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग
तथा अंग्रेजी के प्रयोग में कमी के संबंध में सुझाव देता है। 🎯
अनुच्छेद 345 – राज्य की राजभाषा
राज्य विधानमंडल अपने राज्य
की एक या अधिक भाषाओं को राजभाषा घोषित कर सकता है। 🎯
अनुच्छेद 346 – राज्यों के
बीच पत्राचार
एक राज्य और दूसरे राज्य अथवा
राज्य और केंद्र के बीच पत्राचार की भाषा का निर्धारण करता है। 🎯
अनुच्छेद 347 – भाषा को मान्यता
यदि किसी राज्य की जनसंख्या
का पर्याप्त भाग किसी भाषा को मान्यता देने की मांग करे, तो राष्ट्रपति उस भाषा को
मान्यता देने का निर्देश दे सकता है। 🎯
अनुच्छेद 348 – न्यायालयों
की भाषा
उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों
की कार्यवाही सामान्यतः अंग्रेजी में होती है।
विधेयकों, अधिनियमों तथा नियमों
का अधिकृत पाठ भी अंग्रेजी में होता है। 🎯
अनुच्छेद 350 – अभ्यावेदन की
भाषा
कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत
या प्रार्थना-पत्र संघ या राज्य के किसी अधिकारी को अपनी भाषा में दे सकता है। 🎯
अनुच्छेद 350A – मातृभाषा में शिक्षा
भाषाई अल्पसंख्यकों के बच्चों
को प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान। 🎯
अनुच्छेद 350B – भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी
भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों
की रक्षा हेतु विशेष अधिकारी की नियुक्ति का प्रावधान। 🎯
अनुच्छेद 351 – हिंदी के विकास
हेतु निर्देश
संघ का कर्तव्य है कि हिंदी
का विकास करे।
हिंदी को भारत की सामासिक संस्कृति
की अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया जाए।
हिंदी को संस्कृत तथा अन्य
भारतीय भाषाओं से समृद्ध करने का निर्देश दिया गया है। 🎯
🔥🎯🎯🎯
NET/JRF Quick Trick
120 – संसद
210 – विधानमंडल
343 – राजभाषा हिंदी
344 – राजभाषा आयोग
345 – राज्य की राजभाषा
346 – राज्यों का पत्राचार
347 – भाषा मान्यता
348 – न्यायालय भाषा
350 – अभ्यावेदन
350A – मातृभाषा शिक्षा
350B – विशेष अधिकारी
351 – हिंदी विकास

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