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ंदबरदाई – पृथ्वीराज रासो का 'रेवा तट' (विस्तृत Short Notes)

परिचय

'रेवा तट' पृथ्वीराज रासो का 27वाँ समय (सर्ग) है। इसमें पृथ्वीराज चौहान और शहाबुद्दीन गौरी के संघर्ष का वर्णन मिलता है। यह वीरता, युद्ध-कौशल और राजपूती शौर्य का उत्कृष्ट उदाहरण है।

महत्वपूर्ण तथ्य

·        रचनाकार – चंदबरदाई

·        ग्रंथ – पृथ्वीराज रासो

·        रेवा तट – 27वाँ समय (सर्ग)

·        भाषा – अपभ्रंश

·        प्रधान रस – वीर रस

·        शैली – ओजपूर्ण एवं वर्णनात्मक

·        पृथ्वीराज रासो में कुल 69 समय (सर्ग) माने जाते हैं।

रेवा तट की कथा (सरल भाषा में)

देवगिरि विजय के बाद पृथ्वीराज चौहान अपने सेनापति चमंड राय के साथ आखेट (शिकार) के लिए रेवा तट जाने का विचार करते हैं।

चमंड राय उन्हें एक कथा सुनाता है कि कैसे मदमस्त हाथियों ने ऋषि दीर्घतपा के आश्रम को नष्ट कर दिया था। क्रोधित होकर ऋषि ने उन हाथियों को श्राप दे दिया। बाद में वे हाथी विभिन्न घटनाओं के माध्यम से चंपापुरी पहुँचे और उनकी देखभाल पालकाव्य ऋषि ने की।

यह कथा सुनकर पृथ्वीराज रेवा तट जाने के लिए उत्सुक हो जाते हैं।

उधर शहाबुद्दीन गौरी को जब पता चलता है कि पृथ्वीराज रेवा तट पर हैं, तो वह उन पर आक्रमण की योजना बनाता है।

लाहौर के शासक चंद पुंडीर द्वारा पृथ्वीराज को गौरी के आक्रमण का समाचार भेजा जाता है। पृथ्वीराज तत्काल युद्ध के लिए प्रस्थान करते हैं।

चंद पुंडीर वीरतापूर्वक युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हो जाते हैं।

इसके बाद पृथ्वीराज और गौरी के बीच भीषण युद्ध होता है। अंततः पृथ्वीराज चौहान विजय प्राप्त करते हैं और गौरी को बंदी बनाकर दिल्ली ले जाया जाता है।

गौरी को एक माह तीन दिन तक कैद में रखा जाता है। बाद में उसके अमीरों की विनती पर भारी दंड लेकर उसे छोड़ दिया जाता है।

साहित्यिक विशेषताएँ

·        वीर रस की प्रधानता

·        ओजपूर्ण भाषा

·        युद्ध का सजीव चित्रण

·        अपभ्रंश भाषा का प्रयोग

·        अरबी, फ़ारसी एवं तत्सम शब्दों का प्रयोग

·        विविध छंदों का प्रयोग – दोहा, छप्पय, कुंडलिया, भुजंगी आदि।

परीक्षा की दृष्टि से याद रखने योग्य तथ्य

·        आदिकाल को वीरगाथा काल – आचार्य रामचंद्र शुक्ल

·        आदिकाल नाम – हजारीप्रसाद द्विवेदी

·        रेवा तट – 27वाँ समय

·        प्रधान रस – वीर रस

·        भाषा – अपभ्रंश

·        पृथ्वीराज रासो – लगभग ढाई हजार पृष्ठों का प्रबंध काव्य

·        कुल समय (सर्ग) – 69

 

MCQ Practice

1. 'रेवा तट' किस ग्रंथ का अंश है?

(A) पद्मावत

(B) पृथ्वीराज रासो

(C) बीजक

(D) सूरसागर

2. रेवा तट पृथ्वीराज रासो का कौन-सा समय है?

(A) 17वाँ

(B) 27वाँ (C) 37वाँ

(D) 47वाँ

3. रेवा तट का प्रधान रस क्या है?

(A) करुण

(B) श्रृंगार

(C) वीर

(D) भक्ति

4. रेवा तट की भाषा क्या है?

(A) ब्रजभाषा

(B) अवधी

(C) अपभ्रंश

(D) मैथिली

5. गौरी के आक्रमण का समाचार पृथ्वीराज को किसने भेजा था?

(A) चमंड राय

(B) चंद पुंडीर

(C) दीर्घतपा ऋषि

(D) पालकाव्य ऋषि

6. युद्ध के बाद गौरी को कहाँ ले जाया गया?

(A) अजमेर

(B) कन्नौज

(C) दिल्ली

(D) लाहौर

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